Bol Bindas || “निर्देशों” का “अनुपालन” अति “आवश्यक”

0
129

दुर्गा पूजा पर्व को लेकर, आयोजित हुई बैठक…..

विवेक चौबे, गढ़वा

 

गढ़वा : गुरुवार को आगामी दुर्गा पूजा पर्व के निमित्त विधि-व्यवस्था को लेकर जिला समाहरणालय के सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त- राजेश कुमार पाठक ने की। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा निर्गत गाइडलाइन का पालन सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी व थाना प्रभारी अक्षरशः करवाना सुनिश्चित करें।

निर्देश का अनुपालन अति आवश्यक…..

1. भक्तों द्वारा दुर्गा पूजा का त्यौहार छोटे पंडाल/ मंडप में पारंपरिक रूप से जनता की सहभागिता के बिना घर में मनाया जाए। पूजा का प्रदर्शन छोटे पंडालों/ मंडलों में किया जाए। 2. दुर्गा पूजा पंडाल को सुरक्षा के दृष्टिकोण से चारों तरफ से घिरा रहना आवश्यक है। 3. दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कोई थीम पर आधारित नहीं होगा। 4. दुर्गा पूजा पंडाल के आस-पास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का लाइटिंग डेकोरेशन वर्जित है। 5. दुर्गा पूजा पंडाल के क्षेत्र में स्वागत द्वार अथवा तोरण द्वार का निर्माण की अनुमति नहीं होगी। 6. मूर्ति स्थान को छोड़कर पूजा पंडाल का पूरा क्षेत्र हवादार होना आवश्यक होगा। 7. मां दुर्गा की प्रतिमा 4 फीट या उससे कम होगी। 8. सार्वजनिक उद्घोषणा (माइक से पब्लिक का संबोधन) प्रणाली का उपयोग वर्जित होगा। 9. दुर्गा पूजा के अवसर पर किसी भी तरह का मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। 10. दुर्गा पूजा पंडाल के पूरे क्षेत्र में खाने-पीने के सामान का स्टॉल/ ठेला/खोमचा लगाने की अनुमति नहीं है। 11. दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजकों, पुजारियों व पंडाल के सदस्य कर्मियों की, एक समय में 7 से अधिक की संख्या की अनुमति नहीं है। 12. मूर्ति विसर्जन का जुलूस की अनुमति नहीं है। विसर्जन हेतु जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर यह मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। 13. पूजा पंडाल के पूरे क्षेत्र में संगीत का कोई मनोरंजक/ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है। 14. सामुदायिक भोज, प्रसाद, भोग आदि का आयोजन की अनुमति नहीं है। 15. पूजा आयोजन समिति अथवा आयोजकों के द्वारा किसी भी प्रकार का आमंत्रण नहीं दिया जाएगा। 16. पूजा पंडाल के इनॉग्रेशन हेतु जन समारोह या कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं है। 17. सार्वजनिक स्थलों पर गरबा, डांडिया कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं है। 18. रावण पुतला दहन कार्यक्रम सार्वजनिक स्थल पर करने की अनुमति नहीं है। 19. सार्वजनिक स्थलों पर चेहरे पर फेस कवर अथवा मास्क पहनना अनिवार्य होगा। 20. सार्वजनिक स्थलों पर स्वयं प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 2 गज या 6 फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य हैं। 21. पूजा पंडाल में उपस्थित होने वाले लोगों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल यथा सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग स्वच्छता व सैनिटाइजेशन के संबंध में केंद्र राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्गत निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। 22. पूजा पंडाल के आयोजकों को जिला प्रशासन द्वारा लागू किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। वहीं उपायुक्त ने बताया कि विधि-व्यवस्था के मद्देनजर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है, जिसमें उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक/ सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी व थाना प्रभारी शामिल हैं, जिनके द्वारा सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि दिनांक 8 अक्टूबर 2020 से जिले के मंदिर खुले रखने का भी निर्देश प्राप्त है। ऐसे में उपरोक्त सभी गाइडलाइन मंदिर व पंडाल दोनों पर लागू होंगे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र में एक निश्चित संख्या में ही पंडालों के निर्माण की अनुज्ञप्ति दें व उन्हें सरकार द्वारा निर्गत गाइडलाइंस का अक्षर से पालन करने के निर्देश के साथ ही पंडाल निर्माण की अनुमति दें। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान दें कि आयोजकों द्वारा 4 फीट या उससे कम की ही मूर्ति पंडालों में बिठाई जाए। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु पदाधिकारी स्वतंत्र हैं। जिला प्रशासन को सूचना देते हुए वह इस पर कार्रवाई कर सकते हैं। कंटेनमेंट जोन में पूजा स्थल अथवा मंदिर को खोलने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही मंदिर के एंट्रेंस में आगंतुकों की स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन अनिवार्य होगा। मंदिर के बाहर भी किसी प्रकार के मेले का आयोजन पूर्णतया वर्जित है। उन्होंने बताया कि मंदिर के आस-पास के रेस्टोरेंट व भोजनालय में भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन आवश्यक है। साथ ही उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी व जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अभियान चलाकर चेक पोस्ट के माध्यम से ओवरलोडिंग व जिले वासियों के अनावश्यक आवागमन पर कंट्रोल करें। दशहरा के अवसर पर अभी से लेकर दशहरा तक ट्रेफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार कर थाना स्तर से भी चेक नाका बनाकर इस पर काबू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी व थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि दिनांक 9 अक्टूबर को पूजा आयोजक व मंदिर के पुजारियों की उपस्थिति में शांति समिति की बैठक करवाना सुनिश्चित करें। जबकि उप विकास आयुक्त ने कहा कि मीडिया बंधुओं, सखी मंडल की महिलाओं व पूजा आयोजकों के सहयोग से इसका प्रचार-प्रसार करते हुए इसे जनता तक पहुंचाना आवश्यक है, जिससे हम सुरक्षित रहते हुए इस पर्व को मना सकें। मौके पर- अपर समाहर्ता गढ़वा, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर, पुलिस विभाग से आए प्रतिनिधि, विभिन्न प्रखंडों से आए प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

Please follow and like us: