Bol Bindas || “हत्या” का “विरोध”

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आखिर बलात्कार की घटनाएं क्यों नहीं थम रहीं…..

अपराधियों में कानून का डर क्यों नहीं दिखता…..

विवेक चौबे, गढ़वा

 

गढ़वा : वर्तमान समय में भारत की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। यह पता चलता है उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले में एक दलित लड़की की हुई हत्याकांड से। मनीषा के साथ हुई दरिंदगी की घटना से सम्पूर्ण भारतवासियों में क्रोध व्याप्त है। सभी की जुबान पर कई सवाल आ रहे हैं। सभी लोग सरकार से जानना चाहते हैं कि भारत की बेटियों के साथ बलात्कार की घटनाएं थमने का नाम क्यों नहीं ले रही हैं ? क्या वजह है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं दिखता ? मनीषा कांड भी उतना ही वीभत्स है, जितना निर्भया कांड था। मनीषा सवर्ण नहीं दलित में भी महादलित मेहतर जाति से थी, जिसे वाल्मीकि भी कहा जाता है। दलित के अलावे वह अत्यंत निर्धन परिवार से भी थी। घटना 14 सितंबर की है। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा थाने के बूलगढ़ी गांव की रहने वाली तकरीबन बीस वर्ष की मनीषा अपनी मां के साथ मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए खेतों में गई थी, जहां चार युवकों ने उसकी मां के सामने ही मनीषा को खींच लिया। उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पूरी नृशंसता से उसकी गर्दन तोड़ कर व जीभ काटकर उसे मरा समझकर अपराधी भाग गए। रक्त से लथपथ मनीषा को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर हालत देख मेडिकल कालेज अलीगढ़ भेज दिया गया। मनीषा वहां 14 दिन रही, किन्तु ठीक से उपचार नहीं किया गया। हालत और भी बिगड़ी। उसे 28 सितम्बर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण 29 सितम्बर की सुबह मनीषा ने दम तोड़ दिया। मनीषा की हुई हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हत्याकांड के विरोध में जिले के कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत पिपरडीह गांव निवासी- अमित कुमार पांडेय के नेतृत्व में रविवार को नवयुवकों की टोली द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। बता दें कि लमारी कला में स्थित हनुमान मंदिर से लेकर पिपरडीह गांव में स्थित शिव मंदिर तक कैंडल मार्च निकाल कर मनीषा के हत्या का विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं उसकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी धारण किया गया। इस कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे अमित कुमार पांडेय ने कहा कि हम सभी युवा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री- योगी आदित्यनाथ व भारत के प्रधानमंत्री- नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हैं कि पीड़िता के हत्यारो पर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर शीघ्र ही फांसी पर लटकाया जाए व ऐसा संदेश दिया जाए कि भारत देश के कोई भी व्यक्ति बलात्कार करने की हिमाकत न कर सके। इस प्रकार की घटना का अंजाम देने से पूर्व अपराधियों के रूह तक कांप जाएं। साथ ही कैंडल मार्च के माध्यम से सरकार से मांग की गयी की देश में बेटी सुरक्षा गारंटी कानून बनाया जाए व हाथरस की बेटी मनीषा से बलात्कार व हत्या करने वाले दोषियों को फाँसी, मनीषा को शहीद का दर्जा व उसके परिवार को उचित आर्थिक सहायता दी जाए। मौके पर- पंचानंद पांडेय, राहुल पांडेय, विनय गुप्ता, दिनेश कुमार, धीरज गुप्ता, उदित बैठा, लखन मेहता, अनिल यादव, कुंदन शर्मा, हरिओम शर्मा, गुड्डू ठाकुर, सुरेंद्र गुप्ता सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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